विदेश मे रहकर आदमी अपने देश के बारे में ज्यादा सोचता है। जितना मैं भारत के बारे में अब पढ़ता हू पहले नहि पढ़ता था। पिछले साल मैने ये तीन किताबे पढी।
1. India a million mutinies now By VS Naipaul
2. Argumentative Indian by Amartya Sen
3. India after Gandhi by Ramchandra Guha
4. Pakistan- Between Mosque and Millitary by Hussain Haqqani
चारो किताबे बहुत हि बढिया है। आज पाकिस्तान की किताब कि बात करते है। हुसैन हक्कानि उस समय पाकिस्तान के राजदूत नहि थे। वो ये साबित करते है की पाकिस्तान को फ़ौज ही चलाती है। फ़ौज केवल तभी सरकार से हटती है जब जनता आर्मी रूल के खिलाफ़ हो जाती है। जैसे की 1971 के युध के बाद या जिया के मरने के बाद। ऐसे मे जो लोकतांत्रिक सरकार आती है उसे ठीक से काम नहि करने दिया जाता। इन्हे गैर इस्लामि करार कर दिया जाता है। धीरे धीरे ये सरकारे अपनी लोकपरियता खो देती है और जनता फ़िर फ़ौजि हुकूमत कि माग करने लगती है। इसलिये ज्यादतर तख्तापलट बिना किसी खून खराबे के हुये है।
हुसैन हक्कानि कहते है की पाकिस्तान का जन्म Un-India की तर्ज़ पे हुआ है। ये विश्व की पाचवी सबसे बड़ी फ़ौज है। फ़ौज पाकिस्तान का 50% GDP खा जाती है। इस खर्चे को जरूरी बताना जरूरी है सो भारत का डर दिखाया जाता है।
औए भी बहुत से लेख है जो पाकिस्तान को समझना आसान बनाते है।