हिन्दि ब्लोग इतने लोकप्रिय हैं इसका पता कल हि चला. सैक़डों कि संख्या में हिन्दि ब्लोग नेट पर उप्ल्ब्ध हैं. अपनि भाषा में लिखे विचारों कि बात हि कुछ और होती है.
य़े मेरा प्रयास है अपने विचार जगत के सामने रख्नने का और सहि कहें तो अपने मन क गुबार निकालने का. निजि जीवन जीने वाले व्यक्ति को भला कहां मौका मिलता है अपने विचार किसि के सामने रख्नने का. यह सौभाग्य तो केवल नेताओं, साहित्यकारों, अभिनेताओं को हि प्राप्त है. भला हो इस नेट का कि हम भी अपनि कॆह सकते हैं. सुनेगा तो शायद कोइ नहिं. और किसिने सुन के दाद दे दी तो उसे बोनस मान लेंगे.
w3counter(4042);
November 25, 2006 at 11:33 am |
आप लिखिये, यहाँ सुनने और पढने वाले बहुत हैं
और ‘बोनस’ भी जरूर मिलेगा…
November 26, 2006 at 2:58 pm |
बागला जी का हौसला बढाने के लिये बहुत धन्यवाद। ये भी पता चला की ये साइट सहि में पढी जा सकती है। वरना तो मुझे ब्लाग टैक्नोलौजि पर शक हो चला था।